22 अक्तूबर 2026 का चौघड़िया

वाराणसी, भारत में गुरुवार

आज

दिन का चौघड़िया

सूर्योदय 6:00 AM
  1. शुभअच्छा6:00 AM – 7:25 AM
  2. रोगअमंगल7:25 AM – 8:51 AM
  3. उद्वेगचिंता8:51 AM – 10:16 AM
  4. चरसामान्य10:16 AM – 11:42 AM
  5. लाभउन्नति11:42 AM – 1:08 PM
  6. अमृतसर्वोत्तमराहु काल1:08 PM – 2:33 PM
  7. कालहानि2:33 PM – 3:59 PM
  8. शुभअच्छा3:59 PM – 5:25 PM

रात का चौघड़िया

सूर्यास्त 5:25 PM
  1. अमृतसर्वोत्तम5:25 PM – 6:59 PM
  2. चरसामान्य6:59 PM – 8:34 PM
  3. रोगअमंगल8:34 PM – 10:08 PM
  4. कालहानि10:08 PM – 11:42 PM
  5. लाभउन्नति11:42 PM – 1:17 AM (कल)
  6. उद्वेगचिंता1:17 AM – 2:51 AM (कल)
  7. शुभअच्छा2:51 AM – 4:26 AM (कल)
  8. अमृतसर्वोत्तम4:26 AM – 6:00 AM (कल)
  • अमृत, शुभ, लाभ: शुरुआत के लिए अच्छे
  • चर: यात्रा के लिए ठीक
  • रोग, काल, उद्वेग: वर्जित

आज का राहु काल: 1:08 PM – 2:33 PM

इस दिन का पूरा पंचांगतिथि, नक्षत्र, योग और करण, साथ में राहु काल, अभिजित और हर मुहूर्त।
चौघड़िया क्या है, और इसकी गणना कैसे होती है

चौघड़िया दिन के प्रकाश का या रात का आठवाँ भाग है, इसलिए दिन में आठ और रात में आठ चौघड़िया होते हैं। हर एक सात प्रकारों में से किसी एक के नाम पर है: अमृत, शुभ और लाभ में कोई काम शुरू करना अच्छा है, चर यात्रा और चलते-फिरते कामों के लिए ठीक है, और रोग, काल व उद्वेग से बचा जाता है।

दिन का पहला चौघड़िया वार से तय होता है: रविवार को उद्वेग, सोमवार को अमृत, मंगलवार को रोग, बुधवार को लाभ, गुरुवार को शुभ, शुक्रवार को चर और शनिवार को काल। बाकी एक तय क्रम में आते हैं, और रात का अपना अलग क्रम होता है।

हर चौघड़िया उस दिन के प्रकाश या रात का एक भाग है, कोई तय घंटा नहीं, इसलिए ये गर्मियों में लंबे, सर्दियों में छोटे होते हैं और सूर्योदय के साथ शहर-शहर बदलते हैं। यहाँ हर समय वाराणसी, भारत का है, पंचांग वाले ही सूर्योदय और सूर्यास्त से।

राहु काल अलग से गिना जाता है, और शुभ चौघड़िया के भीतर पड़ने वाले राहु काल से भी आमतौर पर बचा जाता है। जिस पंक्ति में वह पड़ता है, वहाँ उसे चिह्नित किया गया है।

दूसरे शहरों का चौघड़िया

सूर्योदय हर शहर में कुछ मिनट आगे-पीछे होता है, और राहु काल व हर मुहूर्त उसी के साथ खिसकते हैं। अपना शहर चुनें।